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Kripa Ram Khiriya - Rajia Ra Doha ( Part - 2 )

Here is the next part of Rajia Ra doha (Couplets of Rajia).Here are some couplets on ethics by Kavi Kripa Ram ji, addressing his servent Rajia.You can find here the hindi and english translation of the couplets (dohe).I tried my best to translet them correctly, if still you find any mistake then please let me know.(in comments or on my email)...thanks...

Lets start.......

1 कुट्ळ निपट नाकार, नीच कपट छोङे नहीं |
उत्तम करै उपकार,रुठा तुठा राजिया ||

कुटिल और नीच व्यक्ति अपनी कुटिलता और नीचता कभी नही छोड़ सकते, जबकि हे राजिया ! उत्तम कोटि के व्यक्ति चाहे रुष्ट हो या तुष्ट, वे हमेशा दूसरो का भला ही करेंगे |
Crooked and vile man never leave his cynicism and meanness, but hey Rajia! A gentleman whether he is angry or pleased, he will always do good to others |

2 सुख मे प्रीत सवाय, दुख मे मुख टाळौ दियै |
जो की कहसी जाय, रांम कचेडी राजिया ||

जो लोग सुख में तो खूब प्रीत दिखाते है किंतु दुःख पड़ने पर मुंह छिपा लेते है, हे राजिया ! वे ईश्वर की अदालत में जाकर क्या जबाब देंगे |
A person who show a lot of love to you in your good time, but try to hide themselves in your bad time, hey Rajia! What will they answer in front of god.
3 समझणहार सुजांण, नर मौसर चुकै नहीं |
औसर रौ अवसांण,रहै घणा दिन राजिया ||

समझदार एव विवेकशील व्यक्ति कभी हाथ लगे उचित अवसर को खोता नही,क्यों कि हे राजिया ! अवसर पर किया गया अहसान बहुत दिनो तक याद रहता है |
A wise and reasonable person never lost any opportunity, because hey Rajia! Life never give so many opportunities.

4 किधोडा उपकार, नर कृत्घण जानै नही |
लासक त्यांरी लार, रजी उडावो राजिया ||

जो लोग कृत्धन होते है, वे अपने पर किए गए दूसरो के उपकार को कभी नही मानते,इसलिए,हे राजिया ! ऐसे निकृष्ट व्यक्तियों के पीछे धुल फेंको |
People who forget your favor or help, hey Rajia! You should forget them or leave them.

Pride and PrejudiceThe Adventures of Sherlock Holmes