Subscribe me...

Kripa Ram Khiriya - Rajia Ra Doha ( Part - 3 )

Here are the some other couplets on ethics written by Kavi Kripa Ram Ji.Hope you enjoyed the my previous post.

Enjoy this one also....


5 मुख ऊपर मिथियास, घट माहि खोटा घडे |
इसडा सूं इकलास, राखिजे नह राजिया ||

जो मनुष्य मुंह पर तो मीठी-मीठी बाते करते है,किंतु मन ही मन हानि पहुँचाने वाली योजनायें रचते है,ऐसे लोगो से, हे राजिया ! कभी मित्रता नही रखनी चाहिए |
The person who become your lover in front of you, but in his heart he have bad feeling for you (To harm you), So hey Rajia never be friend of this kind of people.
6 अहळा जाय उपाय,आछोडी करणी अहर |
दुष्ट किणी ही दाय, राजी हुवै न राजिया ||

दुष्ट व्यक्ति के साथ कितना ही अच्छा व्यवहार और उपकार क्यों न किया जाए,वह निष्फल ही होगा,क्यों कि हे राजिया ! ऐसे लोग किसी भी तरह प्रसन्न नही होते |
Hey Rajia an evil man can't be happy, whatever favor or work of goodness you did for him.
7 गुण सूं तजै न गांस,नीच हुवै डर सूं नरम |
मेळ लहै खर मांस, राख़ पडे जद राजिया ||

नीच मनुष्य भलाई करने से कभी दुष्टता नही छोड़ता,वह तो भय दिखाने से ही नम्र होता है, जिस प्रकार,हे राजिया ! गधे का मांस राख़ डालने से ही सीझता (पकता ) है |
An evil never leave his evilness for your goodness to him, only fear makes him gentle, Hey Rajia just like Donkey's meat can't cooked without putting ash on it.
8 दुष्ट सहज समुदाय,गुण छोडे अवगुण गहै |
जोख चढी कुच जाय, रातौ पीवै राजिया ||

दुष्टों का समुदाय गुण छोड़ कर अवगुण ग्रहण करता है, क्योंकि यह उनका सहज स्वभाव है,जिस प्रकार,हे राजिया ! जोंक स्तन पर चढ़ कर भी दूध की जगह रक्त ही पीती है |
Wicked community takes the holes so easily by leaving the good things, because its their innate nature, hey Rajia just like, leech like to drink blood instead of milk even climbed up on breast.

The King Is DeadSummer at Willow Lake