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Kripa Ram Khiriya - Rajia Ra Doha ( Part - 4 )

Hi friends......
Sorry for late post.Here is the next part of Rajia Ra Doha (couplets of Rajia).


9 केई नर बेकार,बड करतां कहताँ बळै |
राखै नही लगार,रांम तणौ डर राजिया ||

कई लोग किसी की कीर्ति करने अथवा कहने से व्यर्थ ही जलने लगते है | ऐसे ईर्ष्यालु व्यक्ति तो परमात्मा का भी किंचित भय नही रखते |
Many people just feel jealous by seeing someone's fame.Hey Rajia! These people even don't afraid of God.
10 चुगली ही सूं चून, और न गुण इण वास्तै |
खोस लिया बेखून,रीगल उठावे राजिया ||

जिन लोगो के पास चुगली करने के अलावा जीविकोपार्जन का अन्य कोई गुण नही होता,ऐसे लोग ठिठोलियाँ करते-करते ही निरपराध लोगो की रोजी रोटी छीन लेते है |
People who have no other work, just spend their time in gossiping.Hey Rajia! These people take away the Bread and Butter of innocent people. 
11 आछो मांन अभाव मतहीणा केई मिनख |
पुटियाँ कै ज्यूँ पाव , राखै ऊँचो राजिया ||

कई बुद्धिमान व्यक्तियों को सम्मान मिलने पर वे पचा नही पाते और उस अ-समाविष्ट स्थिति मे अभिमान के कारण पुटियापक्षी की तरह सदैव अपने पैर ऊपर (आकाश) की और किए रहते है
Many intelligent people after getting the respect can't able to digest it.Hey Rajia! Such kind of people never respect anyone else because of their own pride and igo.
12 गुण अवगुण जिण गांव, सुणै न कोई सांभळै |
उण नगरी विच नांव , रोही आछी राजिया ||

जहाँ गुण अवगुण का न तो भेद हो और न कोई सुनने वाला हो , ऐसी नगरी से तो,हे राजिया ! निर्जन वन ही अच्छा है |
A city where no one knows the difference between Attribute and Misconduct.Hey Rajia! An Uninhabited forest is much better than that city.

Love at First Flight
Alone